Sunday, 18 May 2014

kajligarh fort

                                   kajligarh fort                                      
                              मधुबन खुशबु देता है 
सागर सावन देता है
जीना उसका जीना है 
                  जो औरों को जीवन देता है ____






















kajligarh Fort






 चलती है लहरा के पवन , की साँस सभी की चलती रहे 
 लोगों ने त्याग दिए जीवन ,  की प्रीत दिलों में पलती रहे , 
 दिल वो दिल है ,  जो औरों को अपनी धड़कन देता है 
 जीना है उसका जीना है , जो औरों को जीवन देता है 

इंदौर से २० किलोमीटर दूर सिमरोल गाँव के ठीक पास कजलीगढ़ है जिसे देखकर आज भी उस दौर का भयावह नज़ारा कोंध जाता है जब यहाँ जंगली जानवर विचरण करते होंगे !
                            कजलीगढ़ किला ___ जावेद शाह खजराना 

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